संस्था की सदस्यता तथा सदस्यों के वर्ग

(क) संरक्षक सदस्य    - जो व्यक्ति संस्था को निःस्वार्थभाव से एक मुश्त 21000.00 रूपये नगद/चेक से जमा करेगा, एवं संस्था के नियमों-विनियमों को सार्थक सहयोग करेगा, वह संस्था का संरक्षक सदस्य होगा।

(ख) आजीवन सदस्यता- सम्मानित नौकरी, व्यापारी व प्रतिनिधि भाईयों हेतु सदस्यता रूपये 2500.00 एवं साधारण व्यक्तियों हेतु सदस्यता रूपये 1100.00 मात्र देय होगा।

(ग) विशिष्ट सदस्य - समाज के प्रतिष्ठित, सुशिक्षित, समाज सेवी एवं गणमान्य व्यक्ति होगें व प्रबन्धकारिणी समिति के अनुमोदन से संस्था का विशिष्ट सदस्य मनोनीत किया जायेगा।

(घ)वार्षिक सदस्यता - सम्मानित नौकरी, व्यापारी व प्रतिनिधि भाईयों हेतु सदस्यता रूपये 100.00 एवं साधारण व्यक्तियों हेतु सदस्यता रूपये 10.00 मात्र देय होगा। कार्यकाल कैलेण्डर वर्ष के 1 जनवरी से 31 दिसम्बर तक होगा।

(ड) सक्रिय/संरक्षक एवं कार्यकारिणी सदस्यता -समाज के प्रति समर्पित व्यक्ति जो संस्था द्वारा निर्धारित प्रतिमाह की सहयोग राशि या उससे अधिक अदा करने वाले महानुभाव होगें।

 

सदस्य व पदाधिकारी की शर्तें व अहर्यता-

  1. 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति हो।
  2. भारत का नागरिक हो।
  3. दिवालिया व पागल न हो।
  4. समान स्वभाव की संस्था का सदस्य न हो।
  5. किसी भी राजनीतिक दल का पदाधिकारी न हो।
  6. पदाधिकारी को संस्था द्वारा निर्धारित मानक का पूर्णरूप पालन करना होगा।
  7. पदाधिकारी को बुद्ध, कबीर व अम्बेडकर की विचार धारा का अनुयायी एवं पूर्णरूप से नशामुक्त रहना होगा।

सदस्य व पदाधिकारी सदस्यता की समाप्ति-

  1. सदस्य की मृत्यु होने पर।
  2. सदस्य के दिवालिया होने पर।
  3. अनेैतिक अपराध में न्यायालय द्वारा दण्डित होन पर।
  4. सदस्य द्वारा त्यागपत्र देने अथवा अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर।
  5. नियमित रूप से सदस्यता शुल्क न अदा करने पर।
  6. संस्था विरोधी कार्यों में लिप्त होने अथवा हानिकर कार्य सिद्ध होने पर।
  7. लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थिति रहने पर।

पदाधिकारी, सदस्यों व सदस्यता फर्जीवाड़ा या अयोग्यता की शिकायत यदि तथ्यों के साथ जिलाध्यक्ष प्रान्तीय अध्यक्ष या संस्थाध्यक्ष को भेजेगा। प्रान्तीय(राज्य) अध्यक्ष, संस्थाध्यक्ष के संज्ञान में लाकर उसके निर्देशानुसार उचित कार्यवाही करेगा। संस्था विरोधी, फर्जीवाड़ा व गैर सामाजिक कार्यो में लिप्त व्यक्ति को अयोग्य पाया जाता है तो वह अयोग्य समझा जायेगा। प्रान्तीय अध्यक्ष के निर्णण के खिलाफ अपील संस्थाध्यक्ष़्ा/राष्ट्रीय अध्यक्ष से की जायेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष/संयोजक स्वंय या किसी व्यक्ति को सुनवाई के लिए करेगा। अन्ति निर्णय संस्थाध्यक्ष का होगा। उक्त प्रकरण संबंधी वाद किसी न्यायालय में नहीं ले जाया जा सकेगा। कर्यकाल-राष्ट्रीय कार्यकारिणी व अधिवेशन का कार्यकाल 5 वर्ष, राज्य व प्रान्तीय व अन्य इकाइयों की कार्यकारिणी का कार्यकाल दो वर्ष होगा।

सदस्यता फॉर्म

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